Thursday, 24 December 2015
Thursday, 12 November 2015
दुआ
एक रोज़ तुम्हे मांग के देखेंगे खुदा से"
"ऐ दिल तू उन्हें देखकर कुछ ऐसे तड़पना
आ जाए हसी उनको जो बैठे हैं खफा से"
"दुनिया भी मिली है ग़मे दुनिया भी मिला है
वो क्यों नहीं मिलता जिसे माँगा था खुदा से "
"आईने में वो अपनी अदा देख रहे हैं
मर जाए कि जी जाए कोई उनकी बला से "
Friday, 25 September 2015
दीवार
अपनी नज़रों में बसाकर न गिराना मुझको "
"तुमको आँखों में तसव्वुर की तरह रखता हूँ
दिल में धड़कन की तरह तुम भी बसाना मुझको "
"बात करने में जो मुश्किल हो जो तुम्हे महफ़िल में"
मै समझ जाऊँगा नज़रों से बताना मुझको "
"वादा उतना ही करो जितना निभा सकते हो
ख्वाब पूरा न हो वो न दिखाना मुझको "
"अपने रिश्ते की नज़ाकत का भरम रख लेना
मै तो आशिक़ हूँ दीवाना न बनाना मुझको "
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