"आप की याद आती रही रात भर , चश्मे नम मुस्कुराती रही रात भर " "रात भर दर्द की शमा जलती रही, ग़म की लौ थरथराती रही रात भर" "बाँसुरी की सुरीली सुहानी सदा, याद बन बन कर आती रही रात भर " "याद के चाँद दिल में उतरते रहे, चांदनी जगमगाती रही रात भर" "कोई दीवाना गलियों में फिरता रहा, कोई आवाज़ आती रही रात भर"