Saturday, 3 July 2021

हुस्न तेरा

 

"हुस्न के समझने को उम्र चाहिए जानम 

दो घड़ी की चाहत में मोहब्बत  नहीं होती"

 

"राज़ खोलने दो अपने उनको भी जरा 

हम ही  बताएं उन्हें ये भी तो  ठीक नहीं " 

Friday, 2 July 2021

ज़िन्दगी

 


   ज़िन्दगी का सफ़र है सुहाना 
       यहाँ कल क्या हो किसने जाना ,

एक अरसे के बाद आप से मुखातिब हो रहा हूँ 
उम्मीद करता हूँ  की आप सब भी  इस कोविड  के दौर में
उपरवाले के रहमो करम से महफूज़ होँगे.
 अपना बहोत ख्याल रखिये 
टीका लगवाएं ,मास्क पहने और सफाई का ध्यान रखे  
और हाँ भीड़ भाड़ में जाने से बचे   
दो गज़ की दूरी बहोत ज़रूरी. 


Saturday, 9 March 2019

Ghazal: औरत

Ghazal: औरत: "तेरे आने की जब खबर महके               तेरे खुशबू से सारा घर महके "                 "शाम महके तेरे तसव्वुर से        ...