Sunday, 2 September 2012



        "वफ़ा के नाम पर सर क्यों झुका लिया तुमने,
          कही किसी को रुला तो नहीं दिया तुमने "
          "बगैर आपके तड़पे  है हम भी सावन में,
          कि  तनहा ज़हरे जुदाई नहीं दिया तुमने "
         "हमें तो नाज़ था तुम पर तुम्हारी उल्फत पर,
         यूँ दिल को तोड़ कर अच्छा  नहीं किया तुमने।"

               
               
             



Saturday, 1 September 2012



"सर्द माहौल है शोलों को जगाये रखिये ,
यानि बीते हुए लम्हों को जगाये रखिये "

कही ऐसा न हो एहसास की वादी सो जाये ,

ज़हन  में चंद  सवालों को जगाये रखिये "

ग़ुम न हो जाये ख़ुशी सुबह के हंगामे में ,

गम में डूबी हुई रातो को जगाये रखिये 

क्या खबर कोई चिरागों को जला दे आकर ,

दिल के वीरान शिवालो को जगाये रखिये।"

चराग


"मंजिल नए चराग नए हौसले तो दे ,

तिनके का ही सही मगर आसरा तो दे "


"मैने यह कब कहा की मेरे हक़ मे हो जवाब,      

लेकिन खामोश क्यों है कोई फैसला तो दे"

"बेशक मेरे नसीब पे रख अपना अख्तियार,


लेकिन मेरे नसीब में क्या है बता तो दे "

"बरसो मै तेरे नाम पे खाता रहा फरेब,


मेरे खुदा कहा है तू अपना पता तो दे "

"मै  खुद ही खो गया तुझे पाने की फिक्र में ,


अब ऐ गमे हयात कोई रास्ता तो दे।"