"रातों में गर न अश्क बहाऊँ तो क्या करूँ
एक पल भी उसको न भुला पाऊँ तो क्या करूँ"
"मैंने सुना है उनको अंधरे नहीं पसंद
राहों में अब मैं दिल न जलाऊं तो क्या करूँ"
"तुम्ही कहो कि छोड़ दे जब ज़िन्दगी भी साथ
फिर मौत को गले न लगाऊं तो क्या करूँ"
"सोचा तो था कि छोड़ दूं उसकी गली अभी
लेकिन कहीं क़रार न पाऊँ तो क्या करूँ"
"शमा जलाए रखना जब तक कि मैं न आऊँ
खुद को बचाए रखना जब तक कि मै न आऊँ"
"ये वक्ते इम्तेहान है सबरो करार दिल का
आँसू छुपाए रखना जब तक कि मै न आऊं"
"हम तुम्हे मिलेंगे ऐसे जैसे जुदा नहीं थे
सांसे बचाए रखना जब तक कि मैं न आऊँ"
"ग़ज़ल ब्लॉग पर 200 पोस्ट हो जाने की ख़ुशी में हम अपने सभी
VIEWERS का तहे दिल से शुक्रिया अदा करते हैं"
-सदफ़ नक़वी
I AM VERY HAPPY AND THANKFUL TO ALL MY VIEWERS OF GHAZAL BLOG ON COMPLETING 200 POSTS.
-Sadaf Naqvi.