"साफ़ ज़ाहिर है निगाहो से कि हम मरते है
मुँह से कहते हुए ये बात मगर डरते है"
"दूसरोँ से न देखी गयी कभी अपनी ख़ुशी
अब ये हालत है कि हम हसते हुए डरते हैं "
"गुज़रे लम्हों ने जा के न किया याद हमें
फिर भी शिददत से उन्हें हम याद किया करते हैं "
"रंगत तेरी ज़ुल्फो की घटाओं ने चुराई ,
खुशबू तेरे आँचल से हवाओं ने उड़ाई "
"थम थम के बरसना कभी झम झम के बरसना ,
सावन को अदा ये मेरे अश्कों ने सिखाई "
"कैदी तेरी ज़ुल्फ़ों का हूँ आज़ाद जहाँ से,
मुझको ये रिहाई तो वफ़ाओं ने दिलाई"
"ना कोई रास्ता न कोई डगर है यहाँ ,
मगर क़िस्मत में सबकी सफर है यहाँ"
"सुनाई देंगी न उनको मेरे दिल की सदा
दिमाग में उनके बसा है कोई और यहाँ "
"पकड़ के ऊगली उनकी कहीं दूर चलें
रास्ता ये ही लगता है मुझको मोतबर यहाँ"